ताजमहल के आसपास प्रदूषण रहित उद्योगों की सूची, सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल
दुनिया के अजूबों में शुमार ताजमहल को प्रदूषण के बढ़ते खतरे से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट दाखिल की गई है। सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत इस विजन डॉक्यूमेंट रिपोर्ट में ताजमहल के 10 किलोमीटर के दायरे में केवल उन्हीं उद्योगों को स्थापित करने की सिफारिश की गई है, जिनका वायु प्रदूषण स्कोर 30 से कम हो। इस अनुशंसा का उद्देश्य सदियों पुराने इस ऐतिहासिक स्मारक के संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की फरवरी 2025 की संशोधित श्रेणी के तहत, 10 टन से अधिक प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाली बेकरी इकाइयों का वायु प्रदूषण स्कोर 50 निर्धारित किया गया है, जो उन्हें इस दायरे में स्थापित होने से रोकेगा। इसी तरह, बड़े सीमेंट और राख से ईंट बनाने वाले प्लांटों के साथ-साथ गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थ बनाने वाली यूनिट्स की स्थापना पर भी रोक लग सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में, CEC ने एक विस्तृत कार्य योजना तैयार की है, जिसे 11 नवंबर को अदालत में पेश किया गया। इस योजना में ताजमहल के 10 किलोमीटर के परिधि क्षेत्र और उसके बाहर लगने वाले उद्योगों, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास सहित अन्य महत्वपूर्ण सिफारिशें शामिल हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद, ताजमहल के आसपास के क्षेत्र में छोटे उद्योगों की स्थापना पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
वायु प्रदूषण स्कोर 30 से अधिक होने के कारण, 10 केएलडी (किलो लीटर प्रति दिन) से अधिक अपशिष्ट जल उत्पन्न करने वाली फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, गोंद व जिलेटिन निर्माण, कांच निर्माण, हाट मिक्स प्लांट, आइसक्रीम फैक्ट्री, डेयरी उत्पाद, फाउंड्री, बेकरी, ईंट निर्माण, कांक्रीट व राख से ईंट निर्माण, और गैर-अल्कोहलिक पेय पदार्थ से संबंधित उद्योगों को इस क्षेत्र में अनुमति नहीं मिलेगी।
हालांकि, चमड़े के जूते व उत्पाद, ऑप्टिकल लेंस, अलमारी निर्माण, बिना बॉयलर के बैटरी निर्माण, कोयला व बायोमास से ब्रिकेट बनाना, साइकिल असेंबलिंग, सोने-चांदी के आभूषण निर्माण, ऑक्सीजन प्लांट, हैंडलूम, प्रिंटिंग स्याही निर्माण, चिकित्सीय व वैज्ञानिक उपकरण निर्माण, वेस्ट पेपर की बेलिंग, अकार्बनिक रसायनों से बायो फर्टिलाइजर, और प्रिंटिंग ब्लॉक बनाने जैसी कई इकाइयां स्थापित की जा सकती हैं। इसके अलावा, सुगंधित सुपारी बनाना, जूते के ब्रश बनाना, सीमेंट भंडारण व पैकेजिंग टर्मिनल, कॉम्पैक्ट डिस्क निर्माण, नारियल के रेशे से उत्पाद बनाना, बिजली भट्टी से चीनी मिट्टी के बर्तन व टाइल निर्माण, फिनाइल या टॉयलेट क्लीनर, कार्डबोर्ड व कागज उत्पाद, प्रीकास्ट सीमेंट उत्पाद, सिरेमिक रंग मिश्रण, चिलिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, बर्फ निर्माण, सजावटी सिरेमिक कप व प्लेट निर्माण, रेडी मिक्स सीमेंट कंक्रीट, कार्बन डाइऑक्साइड रिकवरी प्लांट, साबुन निर्माण, शराब उत्पादों का मिश्रण, डीजल पंप रिपेयरिंग व सर्विसिंग, और कोटेड इलेक्ट्रोड निर्माण इकाइयां भी लगाई जा सकती हैं।
बल्ब व सीएफएल निर्माण, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की असेंबलिंग, इंजीनियरिंग व फैब्रिकेशन यूनिट्स, बिना बॉयलर के 10 केएलडी अपशिष्ट जल उत्पादित करने वाली फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, बिना बॉयलर के मछली, मुर्गी व मवेशी चारा निर्माण, बिना बॉयलर के लकड़ी के मॉड्यूलर फर्नीचर निर्माण, कारपेंट्री, आटा मिल और स्टील फर्नीचर जैसी इकाइयों को स्थापित करने की अनुमति मिल सकती है। यह रिपोर्ट न केवल ताजमहल के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में इस क्षेत्र में होने वाले औद्योगिक विकास की दिशा को भी स्पष्ट करती है।
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