सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड मामलों को बांटा, जल्द सुनवाई की उम्मीद: Taj Trapezium Zone news
सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) से जुड़े पर्यावरण और विकास संबंधी मामलों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वर्गीकृत किया है। इस व्यवस्था से अब इन मामलों की शीघ्र सुनवाई होने की उम्मीद जगी है, जिससे टीटीजेड क्षेत्र में अटके विभिन्न प्रोजेक्ट्स को राहत मिलने की संभावना है। पहले इन सभी मामलों को एक ही याचिका के तहत सुना जाता था, जिससे सुनवाई में अत्यधिक विलंब होता था।
सुप्रीम कोर्ट ने मूल याचिका ‘एमसी मेहता बनाम भारत संघ’ के तहत आने वाले टीटीजेड से संबंधित सभी मामलों को चार नई श्रेणियों में विभाजित किया है। इनमें वाद नंबर सात के तहत टीटीजेड के लिए विजन डॉक्यूमेंट, वाद नंबर आठ के तहत हरियाली और वृक्ष संरक्षण, वाद नंबर नौ के तहत उद्योगों का विनियमन, और वाद नंबर 10 के तहत जल निकायों व सीवेज का संरक्षण और प्रबंधन शामिल है।
इनमें से वाद नंबर आठ में सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की बेंच तय की गई है। सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के अभाव में टीटीजेड क्षेत्र में कई विकास परियोजनाएं रुकी हुई थीं, जैसे जलेसर रोड का चौड़ीकरण और रहनकलां में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर। सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) इन परियोजनाओं पर अपनी रिपोर्ट दे चुकी है, और अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद इनके आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
