लालच और अपराध की विकृत मानसिकता पर आधारित हास्य नाटक ‘फितूर’ का मंचन
लखनऊ के उद्यान भवन प्रेक्षागृह में सफर फाउंडेशन ने हास्य नाटक ‘फितूर’ का मंचन किया। मोहम्मद अनवर के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक का उद्देश्य लालच, सत्ता और त्वरित सफलता की अंधी दौड़ में मानवीय मूल्यों को ताक पर रखने वाले समाज को संदेश देना था। नाटक ‘फितूर’ समकालीन समाज में तेजी से पनप रहे अपराध, लालच और मानसिक विकृति पर एक सशक्त सामाजिक टिप्पणी है।
नाटक की कहानी चार अपराधियों के एक गिरोह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक युवती की मदद से धनवान और प्रभावशाली व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाते हैं। वे पहले शिकार को प्रेम और आकर्षण के जाल में फंसाते हैं, फिर उसका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलते हैं। समय के साथ, गिरोह के सदस्यों के बीच अविश्वास, लालच और स्वार्थ बढ़ने लगता है, जो अंततः उन्हें एक-दूसरे का दुश्मन बना देता है। इस प्रस्तुति में संतोष प्रजापति, माही, मनोज, ओमकार और अनामिका सिंह ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।
इस तरह की सामाजिक बुराइयों पर आधारित कलाकृतियां समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं, जिससे लोग ऐसे अपराधों और विकृतियों के प्रति सचेत हो सकें।
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