भक्तिमय माहौल में शुरू हुई श्रीमद् भागवत कथा, 101 कलशों के साथ निकली भव्य यात्रा
श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व निकाली गई कलश यात्रा से वातावरण भक्तिमय हो गया। पालीवाल पार्क स्थित श्री गीता ज्ञान मंडल से प्रारंभ हुई श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व 101 कलशों के साथ पीतांबर परिधान पहने महिलाओं ने उत्साह व उमंग के साथ कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा जिस मार्ग से निकली, वहां देखने व स्वागत करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं सिर पर कलश लिए मंगल गीत गाती हुई चल रहीं थीं। नाचते-गाते भक्तों संग कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची। बग्घी पर विराजमान व्यास पीठासीन आचार्य प्रेमप्रकाश महाराज आशीर्वाद देते चल रहे थे। कथा के प्रथम दिन कथावाचक प्रेम प्रकाश महाराज के मुखारबिंद से कथा स्थल पर भागवत महात्म्य कथा और कुंती चरित्र के वर्णन से वातावरण भक्ति मे सराबोर हो गया।
श्रीमद् भागवत कथा का संक्षेप में श्रोताओं को सार बताते हुए कहा कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य- तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां सच्ची भक्ति होती है, वहां ज्ञान स्वतः प्रकट होता है और वैराग्य जीवन को संतुलित बनाता है। भागवत का श्रवण करने वाला कोई भी दुखी नहीं होता है। अच्छे और बुरे कर्मों का फल भुगतना ही पड़ता है। कथा के यजमान गौरव गर्ग और शिवानी गर्ग हैं। इस अवसर पर राहुल गर्ग, अमित अग्रवाल, सोनाली गर्ग, हिना जैन, लक्ष्मी देवी, उषा अग्रवाल, मधु जैन, विनीता अग्रवाल, सोफी जैन, पूजा, श्वेता, ज्योति, शमी, रेखा, विम्मी आदि मौजूद रहीं।
