शिक्षक को साढ़े छह करोड़ की लॉटरी का झांसा देकर साइबर ठगों ने ठगे 70 लाख
गाजीपुर के कासिमाबाद क्षेत्र में एक शिक्षक साइबर ठगों के जाल में बुरी तरह फंस गए। पिछले पांच सालों में उन्होंने ठगों को करीब 70 लाख रुपये का चूना लगाया। डेढ़ करोड़ की लॉटरी निकलने का लालच देकर शुरू हुई यह ठगी धीरे-धीरे सात करोड़ रुपये तक पहुंच गई। ठगों के चंगुल से निकलने के लिए शिक्षक ने कर्ज लिया, अपनी पत्नी के गहने बेचे, एलआइसी से लोन लिया और जमीन खरीदने के लिए जमा किए गए पैसे भी वापस मंगवा लिए।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना अक्टूबर 2019 में शुरू हुई जब पीड़ित शिक्षक, प्रमोद कुमार कौल, को एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले ने उन्हें एक लिंक पर 250 रुपये भेजने पर बड़ी लॉटरी जीतने का झांसा दिया। इसके बाद, ठगों का सिलसिला शुरू हो गया। कभी कोई महिला खुद को वित्त मंत्री बताकर फोन करती, तो कभी कोई व्यक्ति आरबीआई गवर्नर या किसी बड़ी कंपनी का मालिक बनकर शिक्षक को बरगलाता रहा। यह सिलसिला 2024 तक जारी रहा, जिसमें ठगों ने लॉटरी की राशि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर सात करोड़ रुपये कर दिया और विभिन्न ‘प्रोसेसिंग चार्ज’ व ‘कानूनी शुल्क’ के नाम पर पीड़ित से उसके दस प्रतिशत धन की मांग की।
ठगों के दबाव और लगातार मिल रहे झांसों में आकर, पीड़ित ने कई अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। इनमें बुलंदशहर की पीएनबी बैंक शाखा में राकेश सिंह के खाते में फोन-पे से 56,000 रुपये, गोरखपुर के मिश्रौलिया स्थित इंडियन बैंक में शोभा साहनी के खाते में करीब 4 लाख रुपये, और अन्य विभिन्न खातों में कुल 70 लाख रुपये भेजे गए।
आरोप है कि ठगों ने पीड़ित को डराने के लिए उसकी पत्नी और बच्चों को अगवा करने की धमकी भी दी। उन्होंने कहा कि लॉटरी के कागजात तैयार हैं और यदि पैसा नहीं दिया गया तो सब कुछ डूब जाएगा। इस डर और दबाव के चलते, शिक्षक ने अपनी सर्विस अकाउंट से लोन, रिश्तेदारों व मित्रों से कर्ज, पत्नी के गहने बेचकर, एलआइसी से लोन लेकर और जमीन के लिए जमा किए गए पैसे वापस मंगाकर लगातार ठगों को रकम भेजी।
जब भेजी गई रकम बढ़ती गई और ठगों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तब पीड़ित को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और 11 बैंक खाताधारकों तथा 12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस ठगों को पकड़ने के लिए सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
