ताजमहल में शाहजहां का उर्स: 3 दिन फ्री एंट्री, असली कब्रें देखने का मौका
आगरा के ताजमहल में 15 से 17 जनवरी तक मुगल शहंशाह शाहजहां का तीन दिवसीय उर्स मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर, पर्यटकों को स्मारक में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह तीन दिन स्मारक को नि:शुल्क देखने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।
असली कब्रें देखने का दुर्लभ अवसर
उर्स का सबसे बड़ा आकर्षण तहखाने में स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रें हैं। ये कब्रें साल में केवल शाहजहां के उर्स के दौरान ही आम जनता के अवलोकन के लिए खोली जाती हैं। यह इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।
धार्मिक रस्में और सांस्कृतिक आयोजन
तीन दिवसीय उर्स में गुस्ल, संदल और चादरपोशी जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक रस्में शामिल होंगी। उर्स की शुरुआत 15 जनवरी को दोपहर दो बजे गुस्ल की रस्म से होगी, जिसमें कब्रों को सुगंधित जल से स्नान कराया जाएगा। इसके साथ ही कुरानख्वानी, मिलादुनबी और मुशायरा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
16 जनवरी को दोपहर दो बजे संदल की रस्म अदा की जाएगी, जिसमें कब्रों पर चंदन का लेप लगाया जाएगा। इस दिन मुख्य मकबरे पर कब्बाली की गूंज सुनाई देगी। उर्स का समापन 17 जनवरी को कुलशरीफ, कुरानख्वानी और फातिहा के साथ होगा, जिसके बाद चादरपोशी और पंखे चढ़ाए जाएंगे। इस दिन फोरकोर्ट में लंगर का भी वितरण किया जाएगा।
प्रवेश और मुख्य मकबरे का विशेष प्रबंध
उर्स के पहले और दूसरे दिन, पर्यटक दोपहर 2 बजे से स्मारक बंद होने तक नि:शुल्क प्रवेश कर सकेंगे। तीसरे दिन, यह सुविधा सुबह से शाम तक जारी रहेगी। विशेष रूप से, उर्स के दौरान मुख्य मकबरे पर जाने के लिए लगने वाला 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लागू नहीं होगा, जिससे सभी पर्यटक नि:शुल्क मुख्य मकबरे तक पहुंच सकेंगे।
उर्स कमेटी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से दक्षिणी गेट को उर्स के दौरान स्मारक बंद होने तक खुला रखने का अनुरोध किया है, ताकि आगंतुकों को सुविधा हो।
