शादियों का सीजन समाप्त होने वाला है, 6 दिसंबर को आखिरी बड़ा सहालग
वर्ष 2025 में शादियों का सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। 6 दिसंबर को इस साल का सबसे बड़ा सहालग होने वाला है, जिसके बाद विवाह के शुभ मुहूर्त कुछ समय के लिए थम जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, 11 दिसंबर के बाद मांगलिक और शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी, जिससे लोगों को नए साल में शुभ मुहूर्त का इंतजार करना होगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 11 दिसंबर की शाम 6:35 बजे से शुक्र ग्रह का अस्त होना शुरू हो जाएगा, जो 1 फरवरी 2026 की शाम 6:27 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि शुक्र के अस्त होने की अवधि में विवाह जैसे मांगलिक कार्यों को रोक दिया जाता है। इस वजह से, दिसंबर में विवाह के लिए अब केवल 4, 5 और 6 दिसंबर को ही शुभ मुहूर्त शेष हैं।
इसके अतिरिक्त, 16 दिसंबर की सुबह 1:24 बजे से सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास शुरू हो जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास का समय किसी भी मांगलिक कार्य के लिए अशुभ माना जाता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण या वाहन-गृह जैसी खरीददारी जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, खरमास के दौरान आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और शास्त्रीय अध्ययन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
नए साल 2026 में, मांगलिक कार्यों की शुरुआत 1 फरवरी को शुक्र के उदय होने के बाद ही संभव होगी। फरवरी 2026 में विवाह के लिए 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 तारीख को शुभ मुहूर्त रहेंगे। इसके बाद मार्च 2026 में 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीख को सहालग होंगे। ऐसे में, जिन लोगों को साल के अंत तक विवाह संपन्न कराना है, उन्हें जल्द ही अपने कार्यक्रम तय करने होंगे।
