कानपुर में मेट्रो कार्य के कारण सीवरभराव, सात वार्डों में जलभराव की समस्या
कानपुर के जूही बम्बुरहिया में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते सीवर लाइनों में एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पीआर मेमोरियल स्कूल के पास, पहले से मौजूद सीवर लाइन में एक अस्थायी अवरोध (बंधा) बनाकर सीवर को दूसरी लाइन में मोड़ने का काम किया गया था। अब मेट्रो का काम पूरा होने के बावजूद इस बंधे को नहीं हटाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप शहर के दक्षिणी हिस्से के सात वार्डों में सीवर का पानी सड़कों पर भर रहा है।
जलकल विभाग ने इस गंभीर समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को एक पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जूही बम्बुरहिया वार्ड नंबर 14 में 900 एमएम व्यास की सीवर लाइन को 600/1200 एमएम व्यास की नई भूमिगत सीवर लाइन से जोड़ा गया था। मेट्रो कार्य के दौरान, पुरानी और नई दोनों सीवर लाइनों के मैनहोल क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें मलबा भर गया, जिससे लाइनें पूरी तरह से अवरुद्ध हो गईं।
मेट्रो द्वारा डीवाटरिंग के लिए 35 हॉर्स पावर के मड पंप का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन जलकल विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है। इस डीवाटरिंग के कारण मुख्य सीवर लाइन में लगाया गया रोका नहीं हटाया जा रहा है, जिससे सीवर का पानी बाहर निकल रहा है।
इस समस्या का सीधा असर जोन-3 के वार्ड-14 जूही बम्बुरहिया और वार्ड-84 जूही कला पर पड़ रहा है। साथ ही, जोन-5 के वार्ड-02 दादानगर, वार्ड-07 निरालानगर, वार्ड-16 जूही परमपुरवा, वार्ड-48 गोविन्दनगर दक्षिणी और वार्ड नंबर-93 गोविन्दनगर उत्तरी में भी सीवरभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस अव्यवस्था से लाखों लोगों के दैनिक जीवन पर बुरा असर पड़ रहा है, खासकर बरसात के मौसम में यह समस्या और विकट रूप धारण कर सकती है।
