दिल्ली में 70 गोलियां दागकर सनसनीखेज हत्या, 13 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली, शूटरों की पहचान के बावजूद क्यों नहीं हो रही गिरफ्तारी?
दिल्ली के आया नगर में बीते दिनों डेरी संचालक रतन लोहिया की 70 गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या करने वाले तीन शूटरों की पहचान हो जाने के बावजूद दिल्ली पुलिस उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। पहली बार किसी गैंगवार या रंजिश में किसी शख्स को ताबड़तोड़ 70 गोलियां मारकर हत्या करने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच के सभी सेक्शन को बदमाशों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच भी शूटरों को नहीं पकड़ पा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में यह बात सामने आई है कि फरीदाबाद के कमल, नीतू उर्फ नरेंद्र व यूपी के अनुज उर्फ फाइटर नाम के बदमाशों ने रतन लोहिया की बेरहमी से हत्या की है। तीनों फरीदाबाद के कुख्यात गैंग्स्टर नीरज फरिदपुरिया, हिमांशु भाऊ व गौतमबुद्ध नगर के रणदीप भाटी गिरोह से जुड़े हैं। पेशेवर शूटर होने की वजह से दिल्ली पुलिस उन्हें 13 दिन बाद भी नहीं पकड़ पा रही है।
छह माह पहले रतन लोहिया के बेटे दीपक ने आपसी रंजिश में आया नगर के रहने वाले अरुण नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से अरुण के स्वजन दीपक व उसके परिवार से बदला लेने की साजिश रच रहे थे। अरुण का मामा कमल नीरज फरिदपुरिया का बहुत करीबी बताया जा रहा है। कमल ने नीरज फरिदपुरिया से भतीजे की मौत का बदला लेने के लिए शूटरों का इंतजाम करने को कहा। उनकी योजना दीपक की हत्या करने की थी, लेकिन उसके जेल में होने के कारण दीपक के पिता की ही हत्या करने की योजना बनाई गई।
कमल के कहने पर नीरज फरिदपुरिया ने रणदीप भाटी से संपर्क कर इन तीन शूटरों को सुपारी देकर रतन लोहिया की हत्या करने की जिम्मेदारी सौंप दी। रतन को डर था कि अरुण के स्वजन उसकी कभी हत्या करवा सकते हैं इसलिए घटना वाले दिन 30 नवंबर की सुबह वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर डेरी पर जाने के लिए निकले थे। घर से कुछ दूर जाते ही बदमाशों ने उन्हें घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां मार हत्या कर दी। हत्यारे दो अलग अलग कार में सवार होकर आए थे। पुलिस को पता चला है कि बदमाश फरीदाबाद के जिला तिगांव से दो गाड़ियों से वहां आए थे। वारदात के बाद वापस तिगांव पहुंचे और फिर वहां से यूपी की तरफ भाग गए थे।
