सुपौल की 174 पंचायतों में बनेंगे विवाह भवन, गरीब बेटियों की शादी होगी आसान
सुपौल जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत विवाह भवनों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को अपनी बेटियों की शादी के लिए शहर जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। योजना के तहत जिले की सभी 174 पंचायतों में विवाह भवन बनाए जाने हैं, जिसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है।
योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए, अब तक जिले की 32 पंचायतों में विवाह भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। इन चिह्नित पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा जो कम जगह और असुविधाओं के कारण अपनी बेटियों की शादी के आयोजन में परेशानी का सामना करते हैं।
जिला पंचायती राज कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रत्येक पंचायत में विवाह मंडप के निर्माण के लिए लगभग 30 डिसमिल जमीन की आवश्यकता होगी। सरकार ने इस योजना को विशेष रूप से गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी को सुचारू और गरिमापूर्ण बनाने के उद्देश्य से शुरू किया है। यह योजना न केवल विवाह आयोजनों के लिए एक बेहतर स्थान प्रदान करेगी, बल्कि बरातियों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं में भी सहूलियत लाएगी, जिससे परिवारों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।
शेष बची हुई पंचायतों में भी जल्द से जल्द जमीन उपलब्ध कराने के लिए सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक विवाह भवन के निर्माण पर लगभग 50-50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जो इसे एक मजबूत और टिकाऊ संरचना प्रदान करेगा। इस योजना के पूरी तरह कार्यान्वित होने के बाद, सुपौल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोहों के आयोजन का तरीका बदल जाएगा और लाखों परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
