संसद में प्रदूषण और गिरते रुपए पर हंगामा, फेक न्यूज पर कड़े नियम
संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन दिल्ली की गंभीर वायु प्रदूषण और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की गिरती कीमत के विरोध के साथ शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व, संसद के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां और कुछ ने तो गैस मास्क पहनकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से वायु प्रदूषण के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की, जिसे वे एक बड़े स्वास्थ्य संकट के रूप में देख रहे हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा, “हमें कौन सा मौसम एन्जॉय करना चाहिए? बाहर के हालात तो देखिए। जैसा सोनिया जी ने कहा, बच्चे सांस नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें अस्थमा है और उनके जैसे सीनियर सिटिजन को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालात साल दर साल खराब होते जा रहे हैं।”
इसी कड़ी में, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी दिल्ली के वायु प्रदूषण पर तत्काल चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। उन्होंने कहा, “लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यह एक बहुत बड़ा हेल्थ क्राइसिस है।”
रुपए की गिरती कीमत पर भी विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “रुपए की कीमत कम हो रही है, इसका मतलब है कि इस देश की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। वे हमेशा कहते हैं कि हम डेवलप कर रहे हैं और आर्थिक हालत अच्छी है। लेकिन जब रुपया गिरता है, तो यह दिखाता है कि आपकी आर्थिक हालत क्या है।”
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा, “कुछ साल पहले जब मनमोहन सिंह के समय में रुपए के मुकाबले जब डॉलर की कीमत बढ़ी थी तब बीजेपी इसे मुद्दा बनाया था। अब डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के पार है। इस पर उनका जवाब है।”
सदन में आज कर सुधार, एक्साइज संशोधन, परमाणु ऊर्जा और आर्थिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा ने तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से संबंधित सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल 2025 को पारित किया था।
इसी बीच, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फेक न्यूज और एआई डीपफेक को लोकतंत्र के लिए एक गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार फर्जी सूचनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नए और कड़े नियम बना रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 36 घंटे में कंटेंट ‘टेकडाउन’ का नया नियम भी लागू किया गया है। संसदीय समिति की सिफारिशों के आधार पर इन नियमों को और मजबूत किया जाएगा, साथ ही अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
