सहकारिता के बिना उद्धार संभव नहीं: सहकार भारती स्थापना दिवस पर आगरा में मंथन
आगरा में सहकार भारती का स्थापना दिवस शहर के न्यू आगरा स्थित कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक स्वर्गीय लक्ष्मण राव इनामदार और भारत माता के चित्रों पर पुष्पांजलि के साथ हुई, जिसके बाद सहकार गीत का सामूहिक गायन हुआ।
प्रो. वेद प्रकाश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारिता महज़ एक आर्थिक ढांचा नहीं, बल्कि संस्कार, सहभागिता और आत्मनिर्भरता पर आधारित एक महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन है। उन्होंने सहकार भारती के मूल मंत्र ‘बिना संस्कार नहीं सहकार और बिना सहकार नहीं उद्धार’ को संगठन की विचारधारा का आधार बताया।
विभाग संयोजक राकेश शुक्ला ने बताया कि सहकार भारती का स्थापना दिवस पूरे देश में एक साथ मनाया जा रहा है, जो संगठन की राष्ट्रीय पहुंच और एक समान विचारधारा का प्रमाण है। उन्होंने सहकारिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह किसानों, दुग्ध उत्पादकों, महिलाओं, युवाओं, छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर अतिथियों और पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
