सेवानिवृत्त कैप्टन से 32.50 लाख की साइबर ठगी, एसबीआई के नाम पर बने ठग
नोएडा के सेक्टर 37 में रहने वाले एक सेवानिवृत्त कैप्टन ठगी का शिकार हुए हैं, जिसमें उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई के 32.50 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर ठगों ने एसबीआई सिक्योरिटीज के लोगो और उसके सीईओ के नाम का इस्तेमाल कर कैप्टन दमन दत्ता का विश्वास जीता और फिर उन्हें शेयर बाजार में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया।
घटना की शुरुआत 5 सितंबर को हुई, जब नितिका भल्ला नामक एक ठग ने खुद को एसबीआई सिक्योरिटीज का कर्मचारी बताकर कैप्टन दत्ता से संपर्क किया। ठग ने उन्हें एक विशेष ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा और महज 25 हजार रुपये के निवेश पर एक हजार रुपये का मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास पक्का किया।
विश्वास में आने के बाद, कैप्टन दत्ता ने ठग के निर्देशानुसार लगातार पैसे निवेश करना शुरू कर दिया। 25 सितंबर तक, उन्होंने कुल 32.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब कैप्टन दत्ता ने अपने निवेश पोर्टफोलियो में 1.23 करोड़ रुपये देखे, तो उन्होंने कुछ रकम निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान, ठगों ने कर के रूप में अतिरिक्त 38 लाख रुपये की मांग की।
जब कैप्टन दत्ता ने और अधिक पैसे देने से इनकार कर दिया, तो ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया। ठगी का एहसास होने पर, कैप्टन दत्ता ने सेक्टर 18 स्थित एसबीआई सिक्योरिटीज के कार्यालय में जाकर पूरी घटना की जानकारी दी। बैंक के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि वे साइबर ठगों का शिकार हुए हैं और बैंक का इससे कोई संबंध नहीं है।
इसके बाद, कैप्टन दत्ता ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी विजय सिंह राना ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और अन्य वित्तीय विवरणों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और पीड़ित की रकम वापस दिलाने का प्रयास किया जा सके।
नोएडा का सेक्टर 116 बना सबसे जहरीला, AQI 700 पार, सांस लेना हुआ दूभर
नोएडा के 70,000 बिजली डिफॉल्टरों को बड़ी राहत, सरचार्ज पर 100% छूट
नोएडा में वाहनों का फिटनेस शुल्क दस गुना बढ़ा, पुरानी गाड़ियों पर पड़ेगा भारी असर
मतदाता सूची कार्य से परेशान शिक्षिका ने छोड़ी नौकरी, कई शिक्षक बीमार
सीएम योगी का नोएडा दौरा: मेदांता अस्पताल का उद्घाटन, जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण संभव
नोएडा में नए साल से पेट्रोल-डीजल डिलीवरी वाहनों पर लगेगी रोक
नोएडा में मतदाता सूची में लापरवाही: 60 बीएलओ और 7 सुपरवाइजर पर एफआईआर
नोएडा की बैंकों में लावारिस पड़े 190 करोड़, वारिसों की खोज शुरू
