रूस बेलारूस में तैनात कर सकता है हाइपरसोनिक मिसाइल, अमेरिकी रिपोर्ट में खुलासा (Russia Belarus missile deployment)
अमेरिकी शोधकर्ताओं ने सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण कर दावा किया है कि रूस बेलारूस में परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक मिसाइलें तैनात करने की तैयारी कर रहा है। यह तैनाती बेलारूस के क्रीचेव के पास एक पूर्व एयरबेस पर की जा सकती है। यह कदम रूस की उस नई रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह शीत युद्ध के बाद पहली बार अपने क्षेत्र के बाहर परमाणु हथियार तैनात कर रहा है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही बेलारूस में ओरेश्निक मिसाइलों की तैनाती की इच्छा जताई थी, हालांकि उन्होंने स्थान का खुलासा नहीं किया था। ओरेश्निक मिसाइलों की अनुमानित रेंज 5,500 किलोमीटर तक है। पुतिन का दावा है कि यह मिसाइल 10 मैक से अधिक की रफ्तार से चलती है, जिससे इसे रोकना लगभग असंभव है।
कैलिफोर्निया के मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के शोधकर्ता जेफरी लुईस और वर्जीनिया के सीएनए रिसर्च एंड एनालिसिस के डेक्कर एवेलेथ ने कमर्शियल सैटेलाइट कंपनी प्लैनेट लैब्स की तस्वीरों का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि 4 से 12 अगस्त के बीच क्रीचेव के पास पूर्व एयरबेस पर तेजी से निर्माण कार्य हुआ था, जिसमें रूसी रणनीतिक मिसाइल बेस जैसी विशेषताएं थीं। शोधकर्ताओं ने 90 प्रतिशत यकीन जताया है कि मोबाइल ओरेश्निक लांचर इसी जगह पर तैनात किए जाएंगे।
यह एयरबेस बेलारूस की राजधानी मिन्स्क से लगभग 307 किलोमीटर पूर्व और मास्को से 478 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इस तैनाती से पूर्वी यूरोप में रूस की सैन्य उपस्थिति मजबूत होगी, जिससे नाटो देशों के साथ तनाव बढ़ने की आशंका है। इस मामले में वाशिंगटन में रूसी दूतावास और बेलारूस दूतावास ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
