बागपत में MLC चुनाव के दौरान बवाल, बीजेपी जिलाध्यक्ष के सामने एएसपी ने जोड़े हाथ | bagpat news
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में शिक्षक स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान मतदान केंद्र के बाहर उस वक्त सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब पुलिस और सत्ताधारी दल के नेता आमने-सामने आ गए। यह पूरा विवाद खेकड़ा इलाके में एक मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश करने को लेकर शुरू हुआ था।
क्या था पूरा मामला और कैसे बढ़ा विवाद
घटना की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बीजेपी जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा को बूथ के अंदर जाने से रोक दिया। इस रोक-टोक से नाराज जिलाध्यक्ष ने विरोध जताया और देखते ही देखते पार्टी के अन्य कार्यकर्ता और विधायक भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति तनावपूर्ण होते देख बीजेपी नेता वहीं धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं की मांग थी कि अधिकारी या तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगें या फिर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों की मान-मनौव्वल और माफी
माहौल को शांत कराने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचा। पहले संबंधित सीओ को बुलाकर माफी मंगवाई गई, लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इसके बाद बागपत के एएसपी प्रवीण कुमार चौहान ने मोर्चा संभाला। उन्होंने बीजेपी जिलाध्यक्ष को अपना बड़ा भाई बताते हुए हाथ जोड़कर माफी मांगी और स्थिति को संभाला। एएसपी के इस कदम के बाद आखिरकार धरना समाप्त किया गया।
इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक और राजनीतिक तालमेल पर सवाल खड़े करती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की सेवाओं और कानून-व्यवस्था पर पड़ता है।
