राम मंदिर दान चोरी: SIT की रिपोर्ट आज, CM योगी को मिलेगी प्रारंभिक रिपोर्ट, बड़ी कार्रवाई के आसार
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने छह दिनों तक गहन पड़ताल के बाद अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट आज सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, SIT को जांच के दौरान व्यवस्थाओं में कई गंभीर खामियां और गड़बड़ियां मिली हैं।
व्यवस्थाओं में दिखीं खामियां, अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए और सोना-चांदी के चढ़ावे का सही रिकॉर्ड नहीं रखा गया। यहां तक कि व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव ने SIT के सामने ही एक-दूसरे पर व्यवस्थाओं में चूक का आरोप लगाया। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने भी चढ़ावे की चोरी को ‘डाका’ करार दिया था, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राजनीतिक दलों ने उठाए थे सवाल
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की रकम गायब होने का आरोप लगाया था, जिसके बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को उठाया था। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी चंपत राय और गोपाल राव पर चोरी के आरोप लगाए थे और कहा था कि उन्होंने चोरी पकड़ी थी लेकिन उन्हें हटा दिया गया।
SIT का गठन और जांच प्रक्रिया
इन आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था, जिसमें लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी लखनऊ रेंज किरन एस. और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल थे। SIT को सात दिनों में प्रारंभिक और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट देनी थी। 15 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद SIT ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों, कर्मचारियों से पूछताछ की, अभिलेखों की जांच की और गणना कक्ष का निरीक्षण किया। जांच का दायरा बढ़ाकर जमीनों की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया।
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