सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट से राहुल गांधी मानहानि मामले में बरी, शिकायतकर्ता जाएंगे ऊपरी अदालत | Rahul Gandhi defamation case
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को मानहानि के एक पुराने मामले में बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक विवादित बयान को लेकर यह कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी, जिसमें भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष पर टिप्पणी करने का आरोप था। स्थानीय अदालत के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
अदालत के इस फैसले के बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने असंतोष जताते हुए इसे उच्च न्यायालय या अपीलेट कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता की पैरवी कर रहे अधिवक्तताओं का कहना है कि अदालत ने बयान की सीडी को तो सही माना, लेकिन उसे मानहानिकारक श्रेणी में नहीं रखा और शिकायत दर्ज कराने के अधिकार पर भी सवाल उठाए। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हाई-प्रोफाइल मामलों में निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती मिलने से राजनीतिक और कानूनी सरगर्मी लंबे समय तक बनी रहती है, जिसका सीधा असर जनता के बीच राजनीतिक बहसों पर पड़ता है।
इस पूरे कानूनी घटनाक्रम की शुरुआत 4 अगस्त 2018 को हुई थी, जब स्थानीय स्तर पर मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया था। लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और विभिन्न अदालतों में चली याचिकाओं के दौर के बाद आखिरकार मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि शिकायतकर्ता पक्ष अपीलेट कोर्ट में किस प्रकार की दलीलें पेश करता है और इस मामले का अगला कानूनी पड़ाव क्या होगा।
