राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का ट्रायल सफल, CM योगी ने लिया जायजा
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ अब इसके विभिन्न आयोजनों की तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में, मंदिर के मुख्य शिखर पर फहराई जाने वाली धर्म ध्वजा के ध्वजारोहण का ट्रायल मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने स्वयं मंदिर परिसर का भ्रमण कर उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया जहां प्रधानमंत्री को जाना है। उन्होंने धर्म ध्वजा के ट्रायल को भी कौतुहल भरी दृष्टि से देखा।
कार्यदायी संस्था और सेना के जवानों ने मुख्यमंत्री के सामने ही एक स्वचालित प्रणाली की मदद से ध्वज को शिखर तक पहुंचाया और उसे निर्धारित 190 फीट की ऊंचाई पर फहराया। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग पांच मिनट का समय लगा। यह ध्वज मूल ध्वज का एक डमी था, जिसे ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
ट्रायल के सफल समापन की पुष्टि करते हुए अधिकारियों ने बताया कि अब मूल ध्वज की पूजा-अर्चना के बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसे फहराकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे। इस भव्य कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, शहर की सड़कों को भी संवारने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीधी निगरानी में हो रहा यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद, रामलला के दर्शन को लेकर भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। ट्रस्ट द्वारा जारी किए गए विशेष आमंत्रण पत्रों के अनुसार, 25 नवंबर को रामलला के वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी, ताकि मुख्य आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो सके। यह आयोजन राम मंदिर के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।
