राजनाथ सिंह के बयान पर सिंध विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पारित
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा पाकिस्तान के सिंध प्रांत के भविष्य में भारत का हिस्सा बनने की संभावना संबंधी बयान ने इस्लामाबाद में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान ने इस टिप्पणी को ‘खतरनाक’ करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। इसके जवाब में, सिंध प्रांत की विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर राजनाथ सिंह के बयान की निंदा की है।
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि सीमाएं बदल सकती हैं और पाकिस्तान का सिंध प्रांत भविष्य में भारत का हिस्सा बन सकता है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही पाकिस्तान में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।
सिंध की प्रांतीय असेंबली में, आबकारी मंत्री मुकेश कुमार चावला ने राजनाथ सिंह के बयान की निंदा का प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया कि सिंध पाकिस्तान का अविभाज्य और अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। असेंबली ने भारतीय रक्षा मंत्री के बयान को भ्रम, घृणा फैलाने वाला, भड़काऊ और इतिहास को विकृत करने वाला बताया। इसे कूटनीतिक मानदंडों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन भी करार दिया गया।
प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार से मांग की गई है कि वह भारतीय नेता के इस बयान के जवाब में कूटनीतिक, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करे। इसके अतिरिक्त, प्रस्ताव में भारत पर सिंधु जल समझौते के उल्लंघन और पर्यावरण व मानवीय संकट पैदा करने वाले कदमों की जानकारी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की भी बात कही गई है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि राजनाथ सिंह अपनी राजनीतिक पहचान को मजबूत करने के लिए प्राचीन सभ्यता और इतिहास का सहारा ले रहे हैं, जो आधुनिक राष्ट्र राज्यों के युग में अप्रासंगिक है। इस पूरे घटनाक्रम से भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है।
