राजद की ‘सारण फाइल्स’: मंगनीलाल की रिपोर्ट, लालू-तेजस्वी करेंगे भितरघातियों पर कार्रवाई
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी की पराजय के कारणों की गहन समीक्षा के दौर से गुजर रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए सारण प्रमंडल में भी वैसी ही चुनौतियां सामने आई हैं, जैसी मगध प्रमंडल में पाई गई थीं। प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल के नेतृत्व में प्रमंडलवार समीक्षा का कार्य जारी है, जिसके तहत गुरुवार को सारण प्रमंडल के राजद प्रत्याशियों से एक-एक कर बात की गई।
सूत्रों के अनुसार, सारण प्रमंडल के प्रत्याशियों ने अपनी हार के लिए कई प्रमुख कारण गिनाए। उन्होंने बताया कि विरोधी दलों ने जनमानस में किसी भी तरह से राजद की ‘दबंग’ छवि बनाने में सफलता हासिल की, जिससे पार्टी की साख को नुकसान पहुंचा। इसके अतिरिक्त, महागठबंधन के घटकों के बीच समन्वय की कमी और पार्टी के भीतर हुए भितरघात को भी हार का एक बड़ा कारण बताया गया। पार्टी ने सभी प्रत्याशियों से उनकी हार का विस्तृत ब्योरा लिखित रूप में ले लिया है।
इस समीक्षा प्रक्रिया में प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल का सहयोग राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी और राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव कर रहे हैं। बुधवार को मगध प्रमंडल की समीक्षा में भी हार के पीछे लगभग यही कारण बताए गए थे। उल्लेखनीय है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन दोनों प्रमंडलों की मजबूत बढ़त ने ही राजद को राज्य में सबसे बड़े दल का दर्जा दिलाया था। इसी प्रदर्शन के आधार पर राजद इस बार भी इन क्षेत्रों से एनडीए के गढ़ों में सेंधमारी कर अपनी स्थिति मजबूत करने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन परिणाम उम्मीद के विपरीत रहे।
हार के कारणों का आकलन करने के लिए चल रही यह दो-चरणीय समीक्षा प्रक्रिया नौ दिसंबर को पूरी होगी। इसके बाद, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में वरीय पदाधिकारियों और नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा के साथ-साथ भितरघातियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और भविष्य में ऐसे तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
