यूपी में परख परिणाम सुधारने के लिए निजी स्कूलों का भी होगा मूल्यांकन, शिक्षा में सुधार की नई पहल
उत्तर प्रदेश में ‘परख’ राष्ट्रीय सर्वेक्षण में प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगले वर्ष होने वाले सर्वेक्षण के लिए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के साथ-साथ अब निजी स्कूलों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। समय-समय पर इन स्कूलों की प्रगति का आकलन कर सुधार के प्रयास किए जाएंगे।
‘परख’ डैशबोर्ड पर 2024 के सर्वेक्षण के परिणाम अपलोड किए गए हैं, और जिलों में पिछले परिणामों के आधार पर सुधार के प्रयास जारी हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने परिणाम सुधार और आगे की तैयारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर दिया है। इस प्रशिक्षण में अब निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा ताकि वे सुधार के लिए उठाए जाने वाले कदमों से अवगत हो सकें। यह सर्वे छात्रों की दक्षता आंकने के लिए हर तीन साल में होता है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय प्रदेश में परीक्षा के लिए छात्रों की संख्या और परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करता है, जिसके आधार पर राज्य का परिणाम तैयार होता है। पिछले वर्ष कक्षा तीन में भाषा में छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन अन्य कक्षाओं में भी सुधार की गुंजाइश है। छात्रों को ओएमआर शीट पर परीक्षा देने और मॉक टेस्ट के माध्यम से तैयारी कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पूरे प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।
