फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर राजनीतिक घमासान, बीजेपी ने पाकिस्तान जाने की दी सलाह | india politics
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और दावा किया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर स्थिति को संभाले हुए है। उनके इस बयान को लेकर देश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सार्वजनिक मंच से बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए अपनी राजनीतिक लड़ाई को जारी रखने का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस विशेष दर्जे को वापस पाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने देश के अल्पसंख्यकों से एकजुट होने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में उनकी पहचान और अधिकारों को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फारूक अब्दुल्ला के इस बयान पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने तीखा रुख अपनाया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि भारत में मिलने वाली लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के कारण ही ऐसे बयान दिए जा रहे हैं, जबकि पड़ोसी देश में इस तरह की बयानबाजी करने वालों का क्या हश्र होता है, यह जगजाहिर है। भाजपा ने कड़े शब्दों में मांग की है कि पूर्व मुख्यमंत्री को अपने इस बयान के लिए देश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस प्रकार के बयानों से न केवल क्षेत्रीय सौहार्द पर असर पड़ता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी गलत संदेश जाता है।
