‘तमाशा देखते रहे लोग, नहीं मिला इलाज’: आगरा हादसे में 2 मेडिकल छात्रों की मौत पर पिता का दर्द
आगरा में सड़क हादसे के बाद मेडिकल छात्रों को समय पर मदद नहीं मिली। मृतक छात्र के पिता ने बताया कि लोग तमाशा देखते रहे, अस्पताल ले जाते तो जान बच जाती। हादसे के बाद बच्चे आधे घंटे तक सड़क पर पड़े रहे। पुलिस के पहुंचने पर उन्हें ई-रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
विमल वाटिका कमला नगर निवासी राजेश अग्रवाल की जनरेटर के पार्टस बनाने की फैक्ट्री है। पिता को बेटे सिद्ध के हादसे की जानकारी शाम 6:30 बजे मिली। वह स्वजन के साथ घटनास्थल पर दौड़ पड़े, वहां पता चला कि सिद्ध को बाइपास स्थित अस्पताल ले जाया गया। वहां पहुंचने पर सिद्ध और उनके मित्र तनिष्क के सिर में गंभीर चोट होने के चलते दोनों को सिकंदरा हाईवे रेनबो अस्पताल लेकर गए। वहां से चिकित्सकों ने एसएन इमरजेंसी रेफर कर दिया। वह इमरजेंसी पहुंचे, वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम मौजूद थी। मगर, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पिता राजेश अग्रवाल ने बताया कि घटनास्थल पर स्वजन को कुछ लोगों ने बताया कि दोनो बच्चे हादसे के बाद आधा घंटे तक वहीं पड़े रहे थे। वहां जुटे लोग दोनों को अस्पताल ले जाने की जगह एक दूसरे से पुलिस को काल करने के लिए कहते रहे। एक राहगीर द्वारा 112 नंबर पर हादसे की सूचना देने पर पुलिस पहुंची, तब तक आधा घंटे से अधिक बीत चुके थे।
पुलिस के पहुंचने पर लोग ई-रिक्शा से सिद्ध और तनिष्क को अस्पताल लेकर गए। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सड़क हादसों में गोल्डन आवर (एक घंटा) अहम होता है। पिता राजेश अग्रवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज मेरे बेटे की जान गई है, कल किसी और का बेटा हो सकता है। लोग घायलों को समय से अस्पताल पहुचाएं तो कई बेटों की जान बच सकती है।
सिद्ध की दादी विद्या देवी का सपना था कि वह डाक्टर बनें। वह दादी से बेहद प्यार करते थे। दादी का सपना पूरा करने को वह बचपन से डाक्टर बनना चाहते थे। इसी सपने के साथ उन्होंने अपनी पढाई पूरी की। दादी का सपना पूरा किया। उनके बड़े भाई अक्षत गर्ग बेंगलुरू में साफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
मां नीरू अग्रवाल बेटे सिद्ध की प्रतीक्षा ही करती रह गईं। वह दोपहर लगभग दो बजे घर से खाना खाकर निकले थे। मां से कहा था कि मित्रों के साथ घूमने जा रहे हैं, शाम को लौटेंगे। मां ने उनकी पसंद का खाना बनाया था। बेटे के लौटने की प्रतीक्षा कर रही थीं। शाम को बेटे की मौत की खबर मिली तो वह बेहोश हो गईं।
हरदोई के रहने वाले मेडिकल छात्र तनिष्क से सिद्ध की गहरी मित्रता थी। दोनाें अक्सर एक साथ ही निकलते थे। दोनों परिवारों को भी उनकी मित्रता के बारे में पता था। कभी सिद्ध या तनिष्क का मोबाइल नहीं मिलता तो स्वजन किसी एक काे काल करके दूसरे के बारे में जानकारी ले लेते थे। पिछले दिनों की दोनों की परीक्षा खत्म हुई थी, तनिष्क दो दिन बाद घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। परीक्षाओं के बाद वह घूमने निकले थे।
PM Kusum Yojana: किसानों को 60% अनुदान, सोलर पंप के लिए आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक; ऐसे करें बुकिंग
आगरा में 50 करोड़ से ज्यादा का GST घोटाला, 20 बोगस फर्मों ने फर्जीवाड़े से लूटा सरकारी खजाना
GST फ्रॉड का बड़ा खुलासा: आगरा में 20 बोगस फर्मों पर शिकंजा, 50 करोड़ का गोलमाल!
आगरा की महापौर का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन: सड़क में भ्रष्टाचार की ‘बू’ आ रही, बोलीं- पैसा किसी के बाप का नहीं
आगरा में भीषण हादसा: तेज रफ्तार बस ने ऑटो को रौंदा, 2 की मौत, 5 घायल
नकली घी का काला कारोबार! आगरा में ब्रांडेड पैकिंग में बिक रहा था मिलावटी माल, पुलिस ने मारा छापा
UP Board Exam 2026: आगरा के 160 केंद्रों पर 1.21 लाख छात्र देंगे परीक्षा, आपत्ति के लिए जियो-लोकेशन अनिवार्य
आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बड़ा हादसा टला: तेज रफ्तार कैंटर पुलिस चौकी में जा घुसा, 10 मिनट पहले ही निकले थे जवान
