यूपी में 11.88 लाख दिव्यांगों को पेंशन, UP government welfare schemes
उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार अहम कदम उठा रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने विभागीय समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि सरकारी नीतियां केवल सहायता तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं।
दिव्यांग पेंशन योजना के तहत, प्रदेश में वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचे।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में, डा. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित कर अधिक से अधिक दिव्यांग छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अन्य कल्याणकारी योजनाओं की बात करें तो, वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना से 72,690 लाभार्थियों को लाभ मिला है। छात्रवृत्ति योजना के तहत 12,76,303 विद्यार्थियों को सहायता दी गई है, जबकि कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में ‘ओ’ लेवल और ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों के लिए लक्ष्य आवंटित किए गए हैं।
दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा और सुविधाओं का विस्तार करते हुए, 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन दी जा रही है। मुफ्त बस यात्रा योजना के अंतर्गत 16,97,319 दिव्यांगजन और उनके सहयोगियों को लाभ मिला है।
आगामी कार्यक्रमों में लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता, प्रयागराज और ललितपुर में दिव्यांग पुनर्वासन पर राष्ट्रीय कार्यशालाएं, तथा प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी और बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। ये पहल दिव्यांगजनों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के उद्देश्य से की जा रही हैं।
