पुरुषों की सक्रिय भागीदारी से बिहार में परिवार नियोजन को मिलेगी नई दिशा
बिहार में परिवार नियोजन को लेकर एक नई और सकारात्मक पहल की गई है, जिसके तहत अब पुरुषों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने जनसंख्या स्थिरीकरण और स्वस्थ पारिवारिक जीवन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान के माध्यम से, परिवार नियोजन की जिम्मेदारी को पुरुषों के साथ साझा करने की सोच को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि महिलाओं पर पड़ने वाले अनावश्यक स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में ‘सास–बहू–बेटी सम्मेलन’, ‘सारथी वाहन’ और ‘दंपति संपर्क सप्ताह’ जैसी कई महत्वपूर्ण गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन आयोजनों का मुख्य लक्ष्य सामाजिक संवाद को मजबूत करना और परिवार नियोजन के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक परिवार नियोजन की सारी जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं पर ही डाली जाती रही है। इस पुरानी सोच को बदलने और पुरुषों को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बराबर का भागीदार बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पुरुषों की सक्रिय भागीदारी से न केवल एक सुव्यवस्थित परिवार की अवधारणा को बल मिलेगा, बल्कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
अभियान के अंतर्गत, राज्य के सभी प्रखंडों में ‘सास–बहू–बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में परिवार नियोजन के महत्व, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के जन्म के बीच अंतराल रखने की आवश्यकता और विभिन्न प्रकार के गर्भनिरोधक उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इस विषय पर खुलकर संवाद करने के लिए प्रेरित करना भी है।
इसके अतिरिक्त, ‘सारथी वाहन’ गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों के बारे में जानकारी देगा। ये वाहन ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग करके यह समझाएंगे कि छोटे परिवार किस प्रकार बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक समृद्धि की नींव रखते हैं।
अभियान की एक और महत्वपूर्ण कड़ी ‘दंपति संपर्क सप्ताह’ है। इस दौरान, स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दंपतियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए परिवार नियोजन के लाभों के बारे में बताएंगे। इस समग्र दृष्टिकोण से बिहार में परिवार नियोजन के प्रति एक नई चेतना जागृत होने की उम्मीद है, जो प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
झारखंड में नौकरी का झांसा देकर पटना के छात्रों से लाखों की ठगी, FIR दर्ज
पटना में ठंड का प्रकोप: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों को तैयारी मजबूत करने का निर्देश
गृहमंत्री सम्राट चौधरी का तारापुर दौरा: जनता से सीधा संवाद और कार्यकर्ताओं से मंथन
BJP का RJD पर ‘मीठा-मीठा गपगप, कड़वा-कड़वा थूथू’ का आरोप, चुनाव नतीजों पर वार-पलटवार
नीतीश मिश्रा को मंत्रिमंडल में जगह नहीं, जदयू ने बताई वजह, सोशल मीडिया पर जताई चिंता
बिहार में 2030 तक कोई नहीं रहेगा बेघर: नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान
बिहार के 2459 मदरसों को अनुदान की नई शर्त, शिक्षा विभाग का निर्देश जारी
बीजेपी बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए-1 को करेगी सम्मानित
