पटना में ठंड का प्रकोप: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों को तैयारी मजबूत करने का निर्देश
पटना जिले में कड़ाके की ठंड के साथ ही विभिन्न प्रकार के संक्रमणों का प्रकोप बढ़ रहा है। सांस संबंधी बीमारियों, निमोनिया, वायरल फ्लू और सामान्य सर्दी-बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह से अलर्ट जारी कर दिया है।
सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), अनुमंडलीय अस्पतालों और जिला अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से तैयारी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि इन वर्गों में संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार, सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अपनी हीटिंग व्यवस्था को सुचारू रखना होगा। साथ ही, ठंड से संबंधित बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर रूप से बीमार होने वाले मरीजों के लिए अलग से बेड (आइसोलेशन बेड) चिन्हित करने की भी व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
सिविल सर्जन ने बताया कि वे स्वयं सोमवार से विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके अतिरिक्त, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को ठंड से जुड़ी बीमारियों की दैनिक रिपोर्ट भेजने और स्थिति की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम (ऑक्जिलरी नर्स मिडवाइफ) के माध्यम से लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर न निकलने और शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर उपचार लेने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और भी गिरावट की संभावना है, जिससे मरीजों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। इसलिए, सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ अपनी सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
