BJP का RJD पर ‘मीठा-मीठा गपगप, कड़वा-कड़वा थूथू’ का आरोप, चुनाव नतीजों पर वार-पलटवार
बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा लगाए गए आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा ने RJD पर ‘मीठा-मीठा गपगप, कड़वा-कड़वा थूथू’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पार्टी हार को पचा नहीं पा रही है।
विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर जीत-हार का फैसला बहुत कम मतों के अंतर से हुआ है। RJD ने इन नतीजों को बैलेट वोटों में पारदर्शिता की कमी का परिणाम बताते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने विशेष रूप से पांच सीटों का उल्लेख कर पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाया था।
भाजपा ने RJD के इन आरोपों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। पार्टी के अनुसार, यह केवल हार की हताशा है। भाजपा ने स्वयं चार सीटों (रामगढ़, ढाका, चनपटिया, फारबिसगंज) का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर पार्टी मामूली मतों के अंतर से हारी है। यदि चुनाव आयोग पक्षपाती होता, तो ये सीटें भी एनडीए के खाते में जा सकती थीं। यह स्पष्ट है कि एनडीए ने जनता के विश्वास के बल पर जीत हासिल की है।
आंकड़ों के अनुसार, इस बार तीन सीटों पर जीत-हार का फैसला सौ से भी कम मतों के अंतर से हुआ, जबकि 11 सीटें एक हजार से कम मतों के अंतर से तय हुईं। इस स्थिति में, भाजपा ने महागठबंधन को ‘ठगबंधन’ और ‘लठबंधन’ की संज्ञा दी है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि ‘ठगबंधन की आदत यही है, मीठा मीठा गप-गप, कड़वा कड़वा थू-थू।’ उनका कहना है कि जब जीत मिलती है तो उसे जनता की आवाज बताया जाता है, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग पर आरोप मढ़े जाते हैं। भाजपा का मानना है कि महागठबंधन में हार को स्वीकार करने का साहस नहीं है।
