लखनऊ में रोबोटिक Physiotherapy से लकवा मरीजों को मिलेगी नई उम्मीद
लखनऊ में लकवा और रीढ़ की हड्डी की चोट से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। शहर के एक फिजियोथेरेपी सेंटर में ओवरग्राउंड एक्सोस्केलेटन रोबोट का शुभारंभ किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रोबोटिक तकनीक लकवाग्रस्त अंगों को फिर से प्रशिक्षित करने में मदद करती है, जिससे मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार संभव है।
न्यूरो सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, लकवा मरीजों के इलाज में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका होती है। डॉक्टर की सलाह पर फिजियोथेरेपी कराने से बेजान अंगों में काफी हद तक जान फूंकी जा सकती है। यह थेरेपी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और गतिशीलता को बढ़ाने में मदद करती है, साथ ही दर्द से भी राहत दिलाती है।
आधुनिक रोबोटिक थेरेपी पारंपरिक फिजियोथेरेपी को और भी सटीक बनाती है। रोबोट की मदद से एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है। इसमें दिमाग को ठीक अंगों का उपयोग करके बेजान अंगों को फिर से प्रशिक्षित करना सिखाया जाता है। यह तकनीक लकवा, स्पाइन कार्ड इंजरी, सिर की चोट और सेरेब्रल पाल्सी जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है।
