प्रेमी की मौत की झूठी खबर से आहत किशोरी ने दी जान, ग्राम प्रधान ऑफिस में लगाया फंदा
मेरठ जनपद में प्रेम-प्रसंग के चलते एक किशोरी द्वारा आत्मघाती कदम उठाने का मामला सामने आया है। सोमवार को एक किशोरी ने अपने प्रेमी की मौत की झूठी खबर सुनकर गहरे सदमे में महिला ग्राम प्रधान के कार्यालय में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
सूत्रों के अनुसार, गांव के ही अनुसूचित जाति के 23 वर्षीय युवक दीपांशु का मुस्लिम समुदाय की एक किशोरी से पिछले दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के घर की दूरी मात्र पांच सौ मीटर है और उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। कुछ दिन पहले ही दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी परिजनों को हुई थी, जिसके बाद उन्होंने दोनों की शादी कराने से साफ इनकार कर दिया था और मिलने-जुलने पर भी पाबंदी लगा दी थी। इसके बावजूद दोनों मिलते रहे।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे गांव में यह अफवाह फैल गई कि दीपांशु ने आत्महत्या कर ली है। इस झूठी खबर से किशोरी बेहद परेशान हो गई और अपने परिजनों से दीपांशु को देखने के लिए जाने की बात कहने लगी। इसी बीच, किशोरी की बुआ एक समाजसेवी महिला को साथ लेकर ग्राम प्रधान संयोगिता के घर पहुंचीं। उनका उद्देश्य किशोरी की ग्राम प्रधान से काउंसलिंग कराना था।
ग्राम प्रधान संयोगिता ने किशोरी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह अभी नाबालिग है, बालिग होने पर ही शादी के बारे में सोच सकती है। किशोरी को समझाने के बाद ग्राम प्रधान चाय बनाने के लिए रसोई में चली गईं। इसी दौरान, किशोरी वहां से उठकर प्रधान के ऑफिस में पहुंच गई और अपने दुपट्टे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
प्रधान संयोगिता ने किशोरी को फंदे पर लटका देखा तो उन्होंने तुरंत अपने पति भूपेंद्र को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को जानकारी दी। ग्राम प्रधान का कहना है कि किशोरी को काउंसलिंग के लिए उसके परिजन लाए थे। उन्हें समझाकर वह रसोई में चाय बनाने गई थीं, तभी किशोरी ने ऑफिस में यह कदम उठा लिया।
पुलिस अधीक्षक देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि प्रेमी युगल अलग-अलग संप्रदाय के थे। किशोरी ने अपने प्रेमी की मौत की झूठी खबर सुनकर प्रधान के ऑफिस में आत्महत्या कर ली। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
