दौराला-नजीबाबाद हाईवे पर फोरलेन बाईपास का काम, कब तक होगा पूरा?
रुड़की हाईवे (पुराना एनएच 58) पर दौराला से नजीबाबाद हाईवे (एनएच 119) तक निर्माणाधीन चार लेन के कनेक्टर (बाईपास) का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। दूसरी बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद, इस साल के अंत तक इसके पूर्ण होने की संभावना क्षीण है। यदि कार्य में तेजी भी आती है, तो कम से कम छह से सात महीने और लगेंगे।
कार्यदायी कंपनी को वर्क आर्डर जारी करते समय फरवरी 2025 में परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया था। कार्य की धीमी गति को देखते हुए, इस समय सीमा को पहले जून 2025 और फिर नवंबर 2025 तक बढ़ाया गया। दैनिक समाचार पत्र की पड़ताल के अनुसार, यदि कार्य विधिवत और तेजी से संपन्न होता है, तो भी बाईपास का कार्य मई-जून 2025 तक ही शुरू हो पाएगा। यह बाईपास मेरठ-रुड़की हाईवे को सीधे नजीबाबाद हाईवे से जोड़ने का काम करेगा, जिससे यातायात सुगम होने की उम्मीद है।
बाईपास के बीच में ट्रांसमिशन लाइन टावर:
परियोजना के निर्माण के दौरान एक महत्वपूर्ण चुनौती ट्रांसमिशन लाइन के टावर को लेकर थी। शुरुआत में इसे हटाने पर विचार किया गया था, लेकिन अब इसे बाईपास के डिवाइडर के बीच में ही रखने का निर्णय लिया गया है। टावर के चारों ओर कंक्रीट के टुकड़े रखे जा रहे हैं ताकि वाहनों के उससे टकराने का खतरा न रहे।
कार्य की वर्तमान स्थिति:
मवाना रोड से दौराला के बीच विभिन्न स्थानों पर डामर बिछाने का कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। रुड़की हाईवे पर दौराला नगर पंचायत कार्यालय के सामने इंटरचेंज का निर्माण कार्य जारी है। मवाना रोड पर बहचौला अंडरपास के पास रैंप को अभी तक सड़क से ठीक से जोड़ा नहीं गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न अंडरपास से मुख्य सड़क को जोड़ने के लिए मिट्टी भरने का कार्य भी लंबित है।
परियोजना का विवरण:
यह परियोजना भारतमाला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा विभिन्न राजमार्गों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है। मेरठ-रुड़की हाईवे (पुराना एनएच 58) से मवाना रोड (एनएच 119) तक बनने वाले इस कनेक्टर की लंबाई 13.50 किलोमीटर है। परियोजना का कार्य फरवरी 2023 में शुरू हुआ था, जिसका मूल लक्ष्य फरवरी 2025 था, जिसे बाद में जून 2025 और फिर नवंबर 2025 तक बढ़ाया गया।
