गंगा एक्सप्रेसवे उद्घाटन की कगार पर: 6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज का सफर
उत्तर प्रदेश का महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, केवल उन्नाव-हल्द्वानी सेक्शन में एक छोटा सा कार्य शेष रह गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह में एक्सप्रेसवे का ट्रायल रन पूरा कर लिया जाएगा।
कुल 1498 बड़े स्ट्रक्चर्स में से 1497 का निर्माण पूरा हो चुका है, जो एक्सप्रेसवे की प्रगति को दर्शाता है। अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर में ट्रायल पूरा होने के बाद, जनवरी 2024 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जा सकता है। इस परियोजना की कुल लागत 36,230 करोड़ रुपये है और इसके लिए 7453.13 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों – मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज – को जोड़ेगा। इसके निर्माण से इन जिलों के औद्योगिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी, क्योंकि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में वाहनों की सामान्य रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से रखी जाएगी, जिससे मेरठ से प्रयागराज की 594 किलोमीटर की दूरी मात्र 6 घंटे में पूरी हो सकेगी।
इस एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता यह है कि इस पर पांच स्थानों पर लड़ाकू विमानों के उतरने योग्य स्ट्रक्चर्स तैयार किए गए हैं। शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इन स्ट्रक्चर्स का उपयोग आपातकालीन स्थितियों में किया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, सिंभावली में रेलवे ट्रैक पर लंबित कार्य को भी पूरा कर लिया गया है, जिससे ट्रायल का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यूपीडा द्वारा कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है और उम्मीद है कि दिसंबर में ट्रायल के बाद उद्घाटन की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
