विपक्ष का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को देना होगा इस्तीफा | national news
संसद में चल रहे सियासी घमासान के बीच विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बुलावे पर INDIA ब्लॉक के तमाम सांसद दिल्ली के जनपथ स्थित एक रेस्तरां में एकत्र हुए, जहाँ से लंच के बाद सभी ने जंतर-मंतर की ओर कूच किया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्तों से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार उनके लिए वैध चुनाव आयुक्त नहीं हैं और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को आहत करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।
इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ ही बैरिकेडिंग की गई है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित रहे। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि सांसद प्रतिबंधित मार्गों की ओर बढ़ते हैं, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने इस दौरान विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी दल बिना किसी अहंकार के देशहित में एकजुट होकर इस तानाशाही के खिलाफ लड़ेंगे। इस राजनीतिक टकराव से आम जनता के बीच प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है, जिसका असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ना तय है।
