सदाबहार अभिनेता नाना पाटेकर के सिनेमाई सफर पर एक नजर, हर किरदार से छोड़ी अमिट छाप | bollywood news
भारतीय सिनेमा जगत में अपने बेबाक अंदाज और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता नाना पाटेकर ने पर्दे पर कई ऐसे किरदार निभाए, जो आज भी दर्शकों के जेहन में तरोताजा हैं। उनकी अभिनय यात्रा इस बात का प्रमाण है कि एक कलाकार अपनी कला से किस तरह समाज और संस्कृति पर गहरी छाप छोड़ सकता है। उनके निधन से उपजा खालीपन सिनेमा प्रेमियों के लिए कभी न भरने वाला घाव बन गया है।
वर्सटाइल एक्टिंग का बेजोड़ सफर
नाना पाटेकर की खूबी यह रही कि वे कभी भी किसी एक छवि में बंधकर नहीं रहे। उन्होंने स्क्रीन पर फौजी, पिता, राजनेता, हीरो और विलेन—हर रूप में खुद को ढाला। उनकी फिल्मों की फेहरिस्त बताती है कि वे एक संपूर्ण कलाकार थे, जिन्होंने एंग्री यंग मैन की छवि से लेकर बेहतरीन कॉमेडी तक का सफर तय किया।
पर्दे पर अमर हुए कुछ खास किरदार
फिल्म ‘परिंदा’ में अंडरवर्ल्ड डॉन अन्ना सेठ का खौफनाक किरदार हो या ‘क्रान्तिवीर’ में सिस्टम से लड़ता प्रकाश, नाना ने हर बार अभिनय के नए मानक गढ़े। ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में मेजर चौहान का कड़क किरदार निभाने के लिए उन्होंने असल जिंदगी में तीन साल तक सेना में रहकर कठोर ट्रेनिंग ली थी। इसके अलावा, मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ में एक वृद्ध रंगमंच कलाकार की लाचारी को पर्दे पर उतारकर उन्होंने हर दर्शक की आंखें नम कर दी थीं।
गंभीर और खूंखार भूमिकाओं के साथ-साथ कॉमेडी जॉनर में भी उनका कोई सानी नहीं था। फिल्म ‘वेलकम’ में डॉन उदय शेट्टी के रूप में उनकी कॉमिक टाइमिंग आज भी लोगों को हंसा-हसाकर लोटपोट कर देती है। वहीं ‘अब तक छप्पन’ में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर साधु आगाशे के रूप में उनका शांत और बेहद गंभीर अंदाज काबिल-ए-तारीफ था। ऐसे कलाकार सदियों में एक बार आते हैं, जो अपने अभिनय से किरदारों को हमेशा के लिए अमर कर जाते हैं।
