आगरा में पेड़ों की अवैध कटान पर NGT का केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस, सुनवाई 12 मार्च को | Agra NGT news
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आगरा में पेड़ों की अवैध कटाई और अतिक्रमण के गंभीर मामले पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। यह मामला विशेष रूप से ताजमहल के आसपास के पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र और आगरा-ग्वालियर राजमार्ग के किनारे हरियाली के विनाश से जुड़ा है। एनजीटी की यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आगरा में हरे आवरण के विनाश का आरोप लगाया गया था। याचिका में कहा गया है कि आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ताजमहल और आगरा किला के बीच स्थित एक सदी पुराने शाहजहां पार्क में कियोस्क, पक्के रास्ते और ईंट-सीमेंट की संरचनाएं बना रहा है। इन निर्माणों के दौरान सदी पुराने पेड़ों की जड़ों के पास गड्ढे खोदे गए हैं, जिससे हरियाली को नुकसान पहुंचा है और पक्षियों व तितलियों का आवास प्रभावित हुआ है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि आगरा नगर निगम ग्वालियर रोड पर मधु नगर के आगे हरे बेल्ट पर एक सेल्फी पॉइंट के लिए अवैध रूप से कंक्रीट की संरचना का निर्माण कर रहा है। इसके अतिरिक्त, कई निजी व्यक्तियों ने राजमार्ग के दोनों किनारों पर अनिवार्य हरे बेल्ट पर पेड़ काटे हैं और अवैध इमारतें खड़ी कर दी हैं। इस कार्रवाई से आगरा की हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिसका सीधा असर शहर के निवासियों और पर्यटन पर पड़ सकता है।
एनजीटी ने इस मामले को मूल पर्यावरण मानदंडों के अनुपालन से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, उत्तर प्रदेश राज्य, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आगरा के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त और जिला वन अधिकारी, ताज ट्रेपेजियम जोन प्राधिकरण और आगरा विकास प्राधिकरण सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी, जिसमें इन सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा।
