आगरा में मोबाइल बना डॉक्टर दंपती के बीच विवाद की वजह, परिवार परामर्श केंद्र पहुंची बात | agra news
आगरा में रिश्तों के बीच तकनीक किस तरह दीवार बन रही है, इसका एक अनोखा मामला सामने आया है। एक ही छत के नीचे रहने वाले वरिष्ठ चिकित्सक दंपती के बीच मोबाइल फोन ‘डिजिटल सौतन’ की भूमिका निभा रहा है। पति सर्जन हैं और पत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ। पति को पिछले दो साल से यूट्यूब पर वीडियो देखने की गंभीर लत लग गई है, जिसके चलते वह घर आने पर भी पत्नी को समय देने के बजाय मोबाइल में ही व्यस्त रहते हैं।
पत्नी का आरोप है कि लगातार उपेक्षित महसूस करने के बाद उन्होंने कई बार पति को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी आदत में कोई सुधार नहीं आया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब मामला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र तक जा पहुंचा। काउंसलिंग के दौरान पति का तर्क था कि वह किसी तरह का नशा नहीं करते और खाली समय में केवल वीडियो देखते हैं। वहीं, पत्नी का मानसिक तनाव इस हद तक बढ़ चुका है कि उनका कहना है कि वीडियो देखने से बेहतर है पति कोई नशा ही कर लें, कम से कम उस बहाने बात तो होगी।
यह केवल एक इकलौता मामला नहीं है, बल्कि मौजूदा समय में ऐसे मामलों की बाढ़ आ गई है। परिवार परामर्श केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में पहुंच रहे एक हजार से अधिक पारिवारिक विवादों में से 35 से 40 प्रतिशत मामले केवल मोबाइल के कारण उपजे मनमुटाव से जुड़े हैं। पिछले तीन वर्षों में इस तरह की शिकायतों में तेजी से इजाफा हुआ है, जो यह दर्शाता है कि कैसे अपनों को जोड़ने वाला गैजेट अब अपनों के बीच ही दूरियां पैदा कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बढ़ते पारिवारिक विवाद समाज के लिए एक चेतावनी हैं। पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में ऐसे मामलों की काउंसलिंग के दौरान दंपतियों को एक-दूसरे को पर्याप्त समय देने और वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक रिश्तों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जा रही है। समय रहते यदि इस आदत पर नियंत्रण न पाया गया, तो यह हंसते-खेलते परिवारों को तोड़ने का एक बड़ा कारण बन सकता है।
