पिता की मौत के बाद संपत्ति के विवाद में तीन दिन तक घर में रखी रही लाश | telangana news
तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला जिले के कोनायपल्ली गांव में एक बेहद असंवेदनशील मामला सामने आया है, जहां संपत्ति के लालच ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण 80 वर्षीय कोंकटी चंद्रैया का सोमवार रात को निधन हो गया था। घर में मातम का माहौल होना चाहिए था, लेकिन डेढ़ एकड़ कृषि भूमि और एक मकान को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच ऐसा घमासान मचा कि बुजुर्ग की लाश तीन दिनों तक घर में ही पड़ी रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक चंद्रैया के पास एक मकान और करीब डेढ़ एकड़ जमीन थी। उनके इकलौते बेटे नागराजू की मौत दस साल पहले हो चुकी थी, जबकि परिवार में तीन बेटियां और बेटे की दूसरी पत्नी व उसकी दो बेटियां हैं। चंद्रैया ने तीन साल पहले अपना मकान बेटियों के नाम कर दिया था। मौत के बाद नागराजू के परिवार ने संपत्ति में हिस्से की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि सोमवार रात से शुरू हुआ गतिरोध बुधवार तक बना रहा।
इस अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है, जहां प्रियजन की अंतिम विदाई से ज्यादा तवज्जो संपत्ति के बंटवारे को दी गई। स्थानीय लोगों और बुजुर्गों ने कई बार परिवार को समझाने का प्रयास किया ताकि अंतिम संस्कार समय पर हो सके, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया और अपने संरक्षण में बुधवार रात को बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करवाया। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक मूल्यों के पतन और भौतिक लालच के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया है।
