दिल्ली के डीडीए पार्कों में सुरक्षा ऑडिट से बड़े खुलासे, अधिकांश पार्कों में नहीं हैं सीसीटीवी और पर्याप्त लाइटें | delhi news
राजधानी दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी, जो हाल ही में कालकाजी क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ हुई गंभीर घटना के बाद और गहरा गई। इस घटना के बाद हरकत में आए दिल्ली विकास प्राधिकरण ने राजधानी के कुल ७३६ पार्कों का विस्तृत सुरक्षा ऑडिट कराया, जिसके परिणाम बेहद चिंताजनक रहे हैं। ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लगाई जा सके।
सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी के ७३६ डीडीए पार्कों में से वर्तमान में केवल १६ पार्कों में ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सुरक्षा के लिहाज से इन पार्कों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनमें १९० पार्क हाई रिस्क, २५८ मीडियम रिस्क और २८८ लो रिस्क कैटेगरी में रखे गए हैं। हाई रिस्क वाले पार्कों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बाइक पेट्रोलिंग और अन्य उपाय तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिए गए हैं। इसके अलावा ५२० पार्कों में पर्याप्त रोशनी की कमी पाई गई है, जिनमें से कई जगहों पर तुरंत लाइटिंग का काम पूरा कर लिया गया है।
सुरक्षा चक्र को मजबूत करने के लिए बाउंड्री वॉल की मरम्मत, गेट बदलने और ६०२ पार्कों में सुरक्षा गार्डों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था लागू कर दी गई है। स्थानीय पुलिस और पार्क के फील्ड स्टाफ के बीच सीधा समन्वय स्थापित किया गया है ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। इन तमाम सुधारात्मक कदमों से स्थानीय नागरिकों और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है, जिसे लेकर आरडब्ल्यूए के साथ भी लगातार बैठकें की जा रही हैं।
