चंबल के बीहड़ अपनी पुरानी डरावनी कहानियों को पीछे छोड़कर अब देश-दुनिया के सैलानियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। शहर के कोलाहल से दूर, कच्चे रास्तों और ऊंचे-ऊंचे टीलों के...
चंबल के बीहड़ अपनी पुरानी डरावनी कहानियों को पीछे छोड़कर अब देश-दुनिया के सैलानियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। शहर के कोलाहल से दूर, कच्चे रास्तों और ऊंचे-ऊंचे टीलों के बीच फैली चंबल नदी का यह शांत और प्राकृतिक परिवेश पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही यहां का मौसम पर्यटकों के घूमने के लिए सबसे अनुकूल हो जाता है, जो फरवरी तक रहता है।
जलीय जीवों और प्रवासी पक्षियों का बसेरा
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र लुप्तप्राय घड़ियालों, मगरमच्छों, मीठे पानी के कछुओं और दुर्लभ गंगा डॉल्फिन का सुरक्षित आशियाना है। नदी के किनारों पर धूप सेकते घड़ियालों को देखना सैलानियों के लिए एक रोमांचक अनुभव होता है। इसके अलावा, सर्दियों के मौसम में यहां विदेशी मेहमानों यानी प्रवासी पक्षियों की भारी आवक होती है। फ्लेमिंगो और रूडी शेल्डक जैसे पक्षी इस पूरे इलाके को गुलजार कर देते हैं, जिससे पक्षी प्रेमियों के लिए यह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
आसपास के अन्य दर्शनीय स्थल
चंबल यात्रा के दौरान पर्यटक केवल नदी और वन्यजीवों तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि इसके आसपास स्थित ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल भी यात्रा में चार चांद लगा देते हैं। यहां से थोड़ी दूरी पर स्थित बाह और प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगरी बटेश्वर अपने प्राचीन शिव मंदिरों के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा, इटावा की लायन सफारी भी पर्यटकों के लिए एक बड़ा आकर्षण है। यह पूरा क्षेत्र अब उत्तर भारत में इको-टूरिज्म के एक बड़े हब के रूप में विकसित हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है और लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
कैसे पहुंचे और कहां ठहरें
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को आगरा से बाह मार्ग होते हुए जैतपुर पहुंचना होता है, जो लगभग 95 किलोमीटर की दूरी पर है। जैतपुर से आगे नंदगांव तिराहे से होते हुए आसानी से चंबल नदी तक पहुंचा जा सकता है। नदी में सैर के लिए किफायती दरों पर बोट उपलब्ध हैं। ठहरने के लिए स्थानीय स्तर पर रिसॉर्ट्स और कॉटेज मौजूद हैं, जबकि पर्यटक चाहें तो आगरा में रुककर भी एक दिन की ट्रिप प्लान कर सकते हैं।