क्या पाकिस्तानी पायलट उड़ा सकते हैं भारत में विमान? जानें क्या हैं नियम | pakistan pilot entry in india rules
दुबई से तेल अवीव जा रही एक उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट द्वारा मुख्य पायलट पर हमले की घटना सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुरक्षा पर नए सिरे से बहस छिड़ गई है। इस घटना के बाद भारत में यह गंभीर सवाल तैरने लगा है कि क्या कोई पाकिस्तानी नागरिक या पाकिस्तानी लाइसेंस धारक पायलट भारतीय एयरलाइंस में नौकरी कर सकता है या भारतीय हवाई क्षेत्र में विमान उड़ा सकता है।
भारत सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियम इस मामले में बेहद सख्त हैं। किसी भी विदेशी पायलट को भारत में विमान संचालित करने के लिए डीजीसीए से लाइसेंस के साथ-साथ गृह मंत्रालय की अनिवार्य सुरक्षा मंजूरी लेनी होती है। राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों के तहत पाकिस्तान के नागरिकों या पाकिस्तानी पृष्ठभूमि के व्यक्तियों को इस संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा क्लीयरेंस नहीं दी जाती है।
वैश्विक उड़ानों और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के मामले में भी कड़े प्रावधान लागू होते हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के नियमों के तहत एयरलाइंस अपने क्रू का चयन खुद करती हैं, लेकिन भारत आने वाली हर विदेशी उड़ान को एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए अपने क्रू की सूची भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को भेजनी होती है। भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी भारत आने वाले रूट पर पाकिस्तानी क्रू सदस्यों की तैनाती से बचती हैं।
उड्डयन और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारत की वायु रक्षा प्रणाली हर समय पूरी तरह सतर्क रहती है। यदि कोई विमान अपने तय रास्ते से भटकता है या संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान तुरंत स्थिति को संभाल लेते हैं। देश की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण भारतीय उड्डयन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनहोनी की संभावना न के बराबर है। इस तरह के नियम देश के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
