आगरा के 600 से अधिक गांवों में नहीं पहुंची बस सेवा, ग्रामीण परेशान | agra news
आगरा जिले की ग्रामीण आबादी को एक बार फिर परिवहन निगम की अनदेखी का शिकार होना पड़ रहा है। जिले के कुल 1200 गांवों में से 600 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं जहां आज भी रोडवेज बसों की पहुंच नहीं है। इस स्थिति के कारण शिक्षा ग्रहण करने शहर जाने वाले छात्र-छात्राओं और रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है [agra news]। समय पर साधन न मिलने के कारण कई बार युवाओं की पढ़ाई और काम पर भी असर पड़ता है।
दो दशक पहले जिन मार्गों पर नियमित रूप से सिटी और प्राइवेट बसें चलती थीं, आज वहां सन्नाटा पसरा रहता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि बोदला-बिचपुरी मार्ग जैसे महत्वपूर्ण रूटों पर भी बसों का संचालन या तो बंद हो चुका है या बेहद अनियमित है। परिवहन निगम के बेड़े में सैकड़ों बसें होने के बावजूद ग्रामीण रूटों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे आम जनता की जेब पर भारी असर पड़ रहा है।
सार्वजनिक परिवहन के इस बड़े शून्य का फायदा निजी वाहन संचालक और डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। ग्रामीण असुरक्षित और ओवरलोड वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। इस गंभीर समस्या के सार्वजनिक हित से जुड़े होने के कारण स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन जल्द शुरू करने की मांग की है।
इस पूरे मामले पर रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि शहर के नजदीकी इलाकों और दूरदराज के कुछ रूटों पर बसों का संचालन किया जा रहा है। निगम का दावा है कि यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। यदि समय रहते इन गांवों को बस सेवा से नहीं जोड़ा गया, तो आवागमन का संकट और अधिक गहरा सकता है।
