संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई | india politics news
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक मंच से आतंकवाद को लेकर दो टूक संदेश दिया है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को अपना रवैया हर हाल में बदलना होगा। जयशंकर ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि दोस्ती और सद्भावना कभी भी आतंकवाद के साथ नहीं चल सकती [india politics news]।
अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य दुनिया में शांति और सुरक्षा कायम करना था, लेकिन आज संघर्ष और टकराव मानवता के सामने सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर निशाना बनाए जाने की निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार, वर्तमान समय युद्ध का नहीं है और इन अंतहीन लड़ाइयों का अब अंत होना चाहिए।
जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के देशों के सामने आ रहे ‘4F’ संकट यानी भोजन, ईंधन, उर्वरक और वित्त की सुरक्षा का भी पुरजोर उठाया। पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापना के लिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ (दो-राष्ट्र समाधान) सबसे प्रभावी और जरूरी विकल्प है।
