किडनी और लिवर के लिए वरदान है पुनर्नवा, जानें इसके अचूक आयुर्वेदिक फायदे | health news
प्रकृति ने हमें कई ऐसी अनमोल जड़ी-बूटियां दी हैं, जिनके औषधीय गुणों से हम अनजान रहते हैं। ऐसी ही एक महत्वपूर्ण वनस्पति पुनर्नवा है, जो बरसात के तुरंत बाद खेतों और बंजर भूमि पर अपने आप उग आती है। आगरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इसे बिसकपरा के नाम से पहचाना जाता है। आयुर्वेद में इस पौधे को शरीर को नई ऊर्जा और स्वास्थ्य देने वाला माना गया है, जिस कारण इसका नाम पुनर्नवा पड़ा है। (health news)
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पौधा मूत्र विकार, शरीर में पानी एकत्र होने की समस्या, और सूजन को दूर करने में बहुत असरदार है। किडनी से जुड़ी परेशानियों में जब शरीर पर सूजन आने लगती है, तब आयुर्वेद में इसके इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, पीलिया, फैटी लिवर और बढ़े हुए लिवर एंजाइम को नियंत्रित करने में भी यह सहायक साबित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसके औषधीय महत्व को समझते हुए इसकी सब्जी का सेवन भी करते हैं।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह स्पष्ट निर्देश है कि गंभीर बीमारियों जैसे कि डायलिसिस पर चल रहे मरीजों या हृदय रोगियों को बिना चिकित्सीय परामर्श के इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। प्राकृतिक औषधियां शरीर पर गहरा प्रभाव डालती हैं, इसलिए इनका उपयोग हमेशा योग्य डॉक्टर की देखरेख में ही होना चाहिए। जनता को जागरूक करने के लिए ऐसे पारंपरिक पौधों के संरक्षण और सही उपयोग की जानकारी प्रचारित करना समय की मांग है।
