राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चार्जशीट दाखिल, ऐसे होता था खेल | uttar pradesh crime news
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान की राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ विशेष एंटी करप्शन कोर्ट में लगभग 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस घटना ने देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है और मंदिर प्रबंधन की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है [uttar pradesh crime news]।
पुलिस की गहन छानबीन में स्पष्ट हुआ है कि दानपेटी से निकलने वाली नकदी जब गिनती के लिए गणना कक्ष में पहुंचती थी, तभी असली खेल शुरू होता था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर रकम हटाने और छिपाने की 105 चौंकाने वाली घटनाएं सामने आईं। आरोपियों ने किस प्रकार योजनाबद्ध तरीके से इस चोरी को अंजाम दिया, इसका पूरा कच्चा-चिट्ठा डिजिटल साक्ष्यों के जरिए तैयार किया गया है। मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और गवाहों के बयानों ने इस पूरी साजिश की एक-एक कड़ी को मजबूती से जोड़ दिया है।
इस पूरी आपराधिक गतिविधि में शामिल आरोपियों की पहचान अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, करुणेश पाण्डेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, रामशंकर यादव और सुभाष श्रीवास्तव के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से नकद राशि के अलावा सोने-चांदी के आभूषण और विदेशी मुद्रा भी बरामद की है। सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक ट्रस्टों में इस तरह की वित्तीय अनियमितताएं जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाती हैं, जिससे भविष्य में ऐसी व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है।
