राजधानी में महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल, नाबालिग से दरिंदगी के बाद उठे गंभीर सवाल | national crime news
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में खड़ी है। ताजा घटनाक्रम में, शहर के एक सार्वजनिक पार्क के भीतर एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म ने समाज को झकझोर कर रख दिया है [national crime news]। इस वीभत्स घटना ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासनिक दावे कागजों तक ही सीमित हैं।
वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड के बाद देश भर में उबाल आया था और कड़े कानूनों के साथ व्यवस्था बदलने का वादा किया गया था। हालांकि, पिछले चौदह वर्षों का सफर गवाही देता है कि न तो अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा हुआ है और न ही सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो पाए हैं। इस तरह की घटनाएं आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना को गहरा करती हैं और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करती हैं।
इस गंभीर वारदात के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और महिला संगठनों में भारी आक्रोश है। पुलिस प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर एक बार फिर त्वरित कार्रवाई करने का भारी दबाव है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो राजधानी में महिलाओं का विश्वास व्यवस्था से पूरी तरह उठ सकता है।
