प्रधानमंत्री के साथ डीपफेक फोटो वायरल करने पर FIR, दिल्ली हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई | national crime news
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाने के मामले में दाखिल याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। यह पूरा मामला तकनीक के दुरुपयोग और महिला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, जिससे समाज में गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है। [national crime news]
एक पच्चीस वर्षीय महिला द्वारा दायर की गई इस याचिका में सीजेपी संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं—सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पीड़िता का आरोप है कि उसकी निजी तस्वीरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके अश्लील डीपफेक तस्वीरें तैयार की गईं। इन तस्वीरों का इस्तेमाल जुलाई महीने में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान किया गया था, जिससे पीड़िता को भारी मानसिक प्रताड़ना और लक्षित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में बीते 24 सितंबर को ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, पुलिस कार्रवाई में ढिलाई और मेटा प्लेटफॉर्म्स को तस्वीरें हटाने के लिए नोटिस न मिलने के कारण पीड़िता ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस तरह के मामलों से नागरिकों की डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है, जिस पर सख्त प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
