विपक्ष के निशाने पर क्यों आईं चुनाव आयोग की आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना? | india politics news
भारतीय निर्वाचन आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना इन दिनों राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ-साथ विपक्षी दलों ने उनकी कार्यप्रणाली और भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं, जिसका सीधा असर देश की चुनावी व्यवस्था की साख पर पड़ रहा है। [india politics news]
विवाद की मुख्य वजह चुनाव आयोग द्वारा लॉन्च किया गया ईसीआईनेट (ECINet) सॉफ्टवेयर है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) जैसे संगठनों का आरोप है कि इस डिजिटल सिस्टम के जरिए वोटर लिस्ट में हेरफेर की जा रही है। विपक्ष का दावा है कि सामान्यतः यह अधिकार स्थानीय स्तर पर ब्लॉक-लेवल अधिकारियों और ईआरओ के पास होना चाहिए, लेकिन सॉफ्टवेयर के बैक-एंड से छेड़छाड़ कर इसे दिल्ली स्थित आईटी विभाग के पास केंद्रित कर दिया गया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई नेताओं ने खुलकर इन आरोपों को दोहराया है। उनका कहना है कि इस केंद्रीयकृत नियंत्रण के माध्यम से चुनावी डेटा के साथ मनमाने बदलाव किए जा रहे हैं। इस प्रकार के गंभीर आरोपों से देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है, जिस पर आम जनता और राजनीतिक हलकों की गहरी नजर बनी हुई है।
