गणपति विसर्जन के लिए दिल्ली में 81 कृत्रिम कुंड तैयार, यमुना में मूर्ति विसर्जन पर रोक | delhi news
गणेश उत्सव के समापन अवसर पर इस बार राष्ट्रीय राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं [delhi news]। हर साल उत्सव के दौरान यमुना नदी में होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए इस बार कड़े कदम उठाए गए हैं। प्रशासन और दिल्ली सरकार की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि इस बार श्रद्धालु सीधे तौर पर यमुना नदी में भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं कर सकेंगे। इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य नदी के बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करना और जलीय जीवन की रक्षा करना है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।
यमुना नदी को बचाने के लिए प्रशासन ने विसर्जन के पुख्ता वैकल्पिक इंतजाम किए हैं। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में कुल 81 कृत्रिम विसर्जन कुंड बनाए गए हैं, जहां लोग बिना किसी बाधा के अपनी आस्था के अनुसार अनुष्ठान पूरा कर सकें। इन कुंडों में सुरक्षा और स्वच्छता के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि उत्सव का उल्लास भी बना रहे और पर्यावरण को भी कोई नुकसान न पहुंचे। प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और कृत्रिम कुंडों का ही उपयोग करें।
