जयपुर हाउस की 101 बीघा जमीन के पुराने दस्तावेज बरामद, 1969 में हुई थी बिक्री | agra news
आगरा में जयपुर रियासत की संपत्तियों के मालिकाना हक को लेकर चल रही प्रशासनिक जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। अधिकारियों द्वारा की जा रही पड़ताल के दौरान आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) कार्यालय से वर्ष 1969 के वह अहम दस्तावेज बरामद हो गए हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया की नींव हैं [agra news]।
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, मौजा खतैना के खसरा नंबर 553 और 554 की कुल 101 बीघा जमीन का सौदा 6.90 लाख रुपये में तय हुआ था। वर्ष 1968 में लगभग छह महीने तक चले सर्वे के बाद, 31 मई 1969 को 200 रुपये के स्टांप पेपर पर इसका बैनामा किया गया था। उस समय नगर महापालिका परिषद के मुख्य नगर अधिकारी ने राजस्थान के लोक निर्माण विभाग से पत्राचार कर इस जमीन को अपने अधिकार क्षेत्र में लिया था। बाद में वर्ष 1974 में एडीए के गठन के बाद ये तमाम दस्तावेज इस नए निकाय को हस्तांतरित कर दिए गए थे।
इस पूरे घटनाक्रम से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है क्योंकि जयपुर हाउस कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग अपनी संपत्तियों के वैध व अवैध होने को लेकर आशंकित हैं। प्रशासनिक अमले का मानना है कि इन दस्तावेजों के मिलने से स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी कि मालिकाना हक किसके पास रहना चाहिए।
एडीएम प्रशासन और नोडल अधिकारी एबी सिंह ने बताया कि एडीए अधिकारियों की ओर से सभी संबंधित फाइलें और रजिस्ट्री के कागजात सौंप दिए गए हैं। राजस्व परिषद के संयुक्त सचिव संजीव कुमार द्वारा मांगी गई इस विस्तृत रिपोर्ट को अब जिला प्रशासन की ओर से जल्द ही शासन को प्रेषित किया जाएगा, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।
