म्यांमार में हथियार और ड्रोन ट्रेनिंग देने के मामले में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को जमानत | international news
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दे दी है। इस कानूनी कदम से विदेशी नागरिकों से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ आ गया है। [international news]
अदालत ने एक लाख रुपये के मुचलके और इतनी ही राशि की श्योरिटी पर वैनडाइक को रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, जमानत की शर्तों के मुताबिक उन्हें दिल्ली में ही रहना होगा और जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर अनिवार्य रूप से पेश होना होगा। वैनडाइक के वकीलों ने तय कानूनी समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल न होने का हवाला देते हुए डिफॉल्ट जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसी आधार पर अदालत ने माना कि इस मामले में गिरफ्तार अन्य छह यूक्रेनी नागरिक भी इसी राहत के हकदार हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इस साल मार्च में वैनडाइक और छह अन्य विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। शुरुआती दौर में इस मामले में कड़े गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA की धाराएं भी जोड़ी गई थीं, हालांकि बाद में दाखिल किए गए दस्तावेजों में मुख्य रूप से आव्रजन और विदेशी अधिनियम के नियमों के उल्लंघन के आरोप तय किए गए। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि इस कानूनी राहत के मिलने का यह अर्थ नहीं है कि कथित आतंकी गतिविधियों या अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच समाप्त हो चुकी है। यदि जांच के दौरान नए सबूत मिलते हैं, तो अदालत में पूरक आरोप पत्र दाखिल किए जा सकते हैं। इस पूरी कार्रवाई से वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली और विदेशी धरती पर सक्रिय निजी सैन्य समूहों की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
