बिहार के सियासी गलियारों में सुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में खुलकर अपनी बात रखी...
बिहार के सियासी गलियारों में सुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर तीखी चर्चा शुरू हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में खुलकर अपनी बात रखी है और माना है कि इस हाई-प्रोफाइल घटना में पुलिस स्तर पर चूक हुई थी [bihar politics news]। घटना के महज 48 घंटे के भीतर एक उच्चस्तरीय न्यायिक कमेटी का गठन कर दिया गया था, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकला।
सरकार का यह स्पष्ट रुख रहा है कि अपराध चाहे कोई भी करे, उसकी जाति या धर्म देखे बिना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यदि कानून के रखवाले यानी पुलिस भी अपनी सीमा लांघती है या गलती करती है, तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। इसी नीति के तहत प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कदम उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा गया है और कुछ को जेल भी भेजा गया है।
पीड़ित परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए सरकार ने हरसंभव मदद का ऐलान किया है। परिवार को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है, ताकि इस कठिन समय में उन्हें संबल मिल सके। अब इस पूरे प्रकरण में आगे की विधिक प्रक्रिया अदालत के स्तर पर आगे बढ़ेगी, जहां दोषियों को उनके कृत्यों की सजा मिलेगी।
दूसरी ओर, राज्य में छात्र आंदोलनों, पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के मुद्दों पर भी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदर्शनों के दौरान हथियारों के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर बोलते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों की पारदर्शी जांच के लिए उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में विशेष समिति का गठन किया गया है।
बार-बार परीक्षा माफियागिरी या पेपर लीक जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए गुंडा एक्ट जैसे कड़े कानूनों के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य में कानून का राज स्थापित करना है, जिसके तहत पुलिस को उनकी कार्यशैली की पूरी स्वतंत्रता दी गई है, लेकिन किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।